Home Country चित्तौड़गढ़ में बड़े नाले हुए ओवरफलो , सडके बनी तलैया

चित्तौड़गढ़ में बड़े नाले हुए ओवरफलो , सडके बनी तलैया

by Manoj Kumar
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चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट

चित्तौड़गढ़ / चित्तौड़गढ़ के शहरी क्षेत्र में नगर परिषद की ओर से शहर के विभिन्न वार्डों में बड़े और छोटे नालों की सिर्फ एक बार सफाई पर करीब 49.92 लाख रूपये खर्च करके बड़े- बड़े दावे की मानसून से पूर्व किए गए , लेकिन वर्तमान मे धरातल पर हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है,जिसमें शहर के लगभग सभी बड़े और छोटे नालों के हाल बहुत ही बेहाल दिखाई दे रहे हैं, जिसमें इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी सभी नाले वर्तमान में कचरे से अटे पड़े हैं, जिसके चलते बुधवार को कुछ ही देर की बरसात से सभी नाले ओवर फ्लो होकर सड़कों को तलैया बनाते हुए दिखे, जिसके कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन धारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है


चित्तौड़गढ़ नगर परिषद की ओर से बोर्ड बनने के बाद शहर को कचरा मुक्त और नालियों को साफ रखने के लाख बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अभी धरातल पर कुछ भी सही दिखाई नहीं दिया है,जिसमें नगर परिषद की ओर से नगर के सभी नालों को साफ करने के लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च करके 6 जॉन में बांटा गया है, जिसमें जॉन एक में चंदेरिया, जॉन दो में कलेक्ट्री के आसपास का क्षेत्र, जॉन 3 और 4 मे प्रताप नगर, कुम्भा नगर और सेंथी, वही जॉन संख्या 5 और 6 में सम्पूर्ण पुराने शहरी क्षेत्र को शामिल किया गया है, वही वर्तमान में छः जॉन के सभी छोटे बड़े नालो के साफ-सफाई के हालात बद से बदतर दिखाई दे रहे हैं जिसमें प्रमुख तौर पर प्रताप नगर क्षेत्र के आरटीडीसी होटल के सामने कचरे से भरे नाले का गंदा पानी कुछ ही देर की बरसात के बाद सड़कों को तलैया बनाता हुआ दिखाई दिया,जिसके कारण आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,नगर परिषद की ओर से इस नाले की सफाई करने के साथ ही जल भराव की समस्या के समाधान करने के लाख दावे किए गए हैं लेकिन बुधवार को इन तमाम दावों की पोल खुल गई है जिसमें बड़े नाले का गंदा पानी नाले में जमे कचरे के कारण सड़क पर एकत्रित हो गया, वहां पर डिवाइदर के कारण पानी की निकासी नहीं होने से बड़ी मात्रा में जलभराव हो गया, वही इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से भी कई वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के समाचार मिले हैं,

जानकारी मे आया है की शहरी क्षेत्र के कई नालों की सफाई करने के लिए नगर परिषद ने करीब 50 लाख रुपए की बड़ी राशि खर्च करते हुए वर्ष में एक बार मानसून बरसात के मौसम से कुछ दिनों पूर्व दिखावे के लिए और औपचारिकता पूरी करने के लिए नालों की सफाई का अभियान चलाया , जिसका परिणाम यह हुआ कि एक ही बरसात में सभी नालों की सफाई की पोल खुल गईं और नाले का पानी सड़कों पर बहता हुआ दिखाई दिया, वहीं आमजन को हो रही इस परेशानी का अभी तक नगर परिषद कोई भी स्थाई समाधान नहीं निकाल पाई है,अब देखना यह है कि आमजन की इस बड़ी परेशानी को नगर परिषद किस तरह से दूर कर पाती है

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