Home Country ग्राम पंचायत बोरबंद का खुलासा कुएं में भांग घुली है लेकिन अधिकारी क्यों नशे में ?

ग्राम पंचायत बोरबंद का खुलासा कुएं में भांग घुली है लेकिन अधिकारी क्यों नशे में ?

by Manoj Kumar
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झालावाड़:- सरकारी गाइड के अनुसार मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते संपूर्ण प्रदेश में विद्यालय में अध्ययन के लिए अवकाश घोषित किया गया था जो वर्तमान में जारी है। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त, 26 जनवरी को मनाने के अध्यापकों को साधारण रूप से कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इजाजत दी गई थी।

  पूर्व में ग्राम पंचायतों की जवाबदारी है कि विद्यालय में राष्ट्रीय पर्व पर आंगनबाड़ी केंद्रों व विद्यार्थियों को मिठाई का वितरण करें। लेकिन कोरोना काल में मिठाई बांटना प्रतिबंधित था ,कई पंचायतों ने मात्र औपचारिकता करते हुए हजार, पंद्रह सौ की मिठाई वितरण के बिल बनाए किन्तु ग्राम पंचायत तितरवासा के सरपंच ने सत्तावन हजार रुपए का नुक्ती का बिल बनाया। इसका भंडाफोड़ स्वयं उपसरपंच ने किया कि मात्रा सौ किलो नुक्ती आई थी। इसी तरह इकलेरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बोरबंद में ग्राम विकास अधिकारी जगदीश मीणा ने 26 जनवरी 2021 के मिठाई के बिल का तिरेसठ हजार रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार के तहत दी गलत जानकारी में मिठाई का एक   कच्चा सादे कागज पर 26 जनवरी 2021 का बिल है, जिसमें ना फर्म का नाम है, ना ही जीएसटी 5 प्रतिशत कटा हुआ है।

  साफ जाहिर होता है सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी ने लीपापोती करते हुए फर्जी बिल बनाकर बड़ी राशि का गबन किया है, जिससे राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है।

 गौरतलब है कि झालावाड़ जिले में ग्राम पंचायतों की ऑडिट चल रही है। ऑडिट टीम द्वारा भी खानापूर्ति कर मात्र दस्तावेजों की जांच की जाती है। भौतिक सत्यापन नहीं होता। तेरेसठ हजार रुपये की नुक्ती वितरण हुई या नही हुई, फर्जी बिल बनाकर भुगतान उठाया गया है, जो जांच का विषय तो है ही साथ ही बिल की हैंडराइटिंग की जांच होना आवश्यक है।

   इस मामले में हमने ग्राम विकास अधिकारी जगदीश मीणा से पक्ष जाना तिरेसठ हजार रुपये की नुक्ती वितरण के बारे में पूछा तो पहले तो उसने नुक्ती बाँटना बताया। बाद में ना नुकुर पर आया, जब फर्जी बिल व टैक्स के बारे में पूछा तो उसने कहा दुकानदार जाने किन्तु वह यह भूल गया कि उस बिल का भुगतान उसी ने किया। सीधा-सीधा साफ है हर कर्मचारी जानता है कि जांच तो होनी नहीं है। अधिकारी से अच्छे संबंध बन ही जाते हैं।

  देखने वाली बात तो यह है कि वर्तमान में मुख्य कार्यकारी अधिकारी आईएएस है। हर मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। नुक्ती घोटाले की जांच करवाकर दोषी ग्राम विकास अधिकारी पर क्या कार्यवाही करेंगे।

अगले अंक में पढ़े ग्राम पंचायत बोरबन्द का बड़ा खुलासा

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