दैनिक देश मोर्चा सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख।
उत्तर प्रदेश बलिया जिले में बात कोरोना महामारी के पहले की करे या कोरोना काल के पहले और दूसरे लहर के बीच अपने पद पर आसीन मूल कर्त्तव्यों को निभाने वाले कर्मठ अधिकारी गुलाब चन्द्र की तो ये कहने में तनिक भी हिचक नही होगा कि यह अधिकारी समाज के लिए किसी देव् दूत से कम नही है। अपने कार्यो को सरल और साधरण तरिके से निर्वहन करने वाले बलिया के तहसीलदार गुलाब चन्द्र सालो से अपने पद की गरिमा के साथ समाज और सत्ता के बीच एक अलग ही पहचान बनाई है। आम जनता के लिए सरल स्वभा रखने के साथ ही पूरे जनपद में चर्चित है। दिन हो या रात समय जो भी हो, जब-जब उच्च अधिकारियों का आदेश जरूरत मंद लोगो के बीच जाकर मदद करने को मिला, तब-तब वहां मौजूद होते है। अपने ही प्रशासनिक खेमे में कई अनपहुलुओ का शिकार होने के बाद भी न डरे न ही अपने पद का दुरुपयोग किया। नतीजन आज शासन ने तहसीलदार गुलाब चन्द्र को बतौर डिप्टी कलेक्टर का कार्य भार सौंपा दिया है। जिसके बाद चन्द्र को बधाई देने की होड़ लगी है वही चहेतों में खुशी की लहर दौड़ गयी है। आप को बताते चले कि इनके पिता स्व० पितई लाल मूल रूप से ग्राम मझियारी ,थाना लालापुर, तहसील बारा,जनपद प्रयागराज के निवासी हैं। 1983 में पूरा परिवार यमुना के इस ग्राम मखदुमपुर , थाना पिपरी , तहसील चायल जनपद कौशाम्बी में बस गया था। लगातार 4 बार आईएएस की मुख्य परीक्षा दी लेकिन अंको में असमानता होने के कारण थोड़े अंक से चयन रूक गया था। बताया सन 1998,1999,2000,2001 में आईएएस की परीक्षा दी थी लेकिन थोड़ा में ही किसी कारण से चयन नही हो सका था। वही इसी सन में 1998,1999,2000,2001 में पीसीएएस की परीक्षा भी दी जिसमे चारो बार अंतिम रूप से नायब तहसीलदार, मर्केटिंग निरीक्षक, सहायक लेखाधिकारी, विक्रयकर अधिकारी दृतीय ग्रेड पर हुआ। वही इनकी प्राथमिकता केवल एस डी एम ही रही है।

