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डाबी…जन्मदिन पर बून्दी सिलिका ग्रुप के मालिक सूरजमल बंसल ने लगाए 251 पौधे,अब तक कर चुके 1लाख से अधिक वृक्षारोपण

डाबी/धनेश्वर:-व्यक्ति अपने जन्मदिवस के मौके पर क्या कुछ नही करता पार्टी का आयोजन करता है या फिर किसी न किसी तरह से कुछ ऐसा करने की चाह रखता है जिससे कि लोग उससे आकर्षित हो और इसी चाह में कुछ अलग करने की सोच रख दिखावा करता है पर इन सब चीजों से परे सबसे अलग बून्दी सिलिका ग्रुप के मालिक एव सेंड स्टोन माइंस ऑनर विकास समिति के अध्यक्ष सूरजमल बंसल ने अपने 73 वे जन्मदिवस के मौके पर 251 से अभी अधिक वृक्षारोपण कर एक अलग मिसाल पेश की हर वर्ष उनके द्वारा अपने जन्मदिवस के मौके पर वृक्षारोपण किया जाता है एव हर वर्ष उनके द्वारा 5000 पौधे लगाएं जाते है अब तक उनके द्वारा 1 लाख से भी अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके है जो सराहनीय है मीडिया से की खास बातचीत में सूरजमल बंसल ने बताया कि इनके द्वारा स्वयं प्रेरणा से वृक्षारोपण का कार्य शुरू किया जो अब तक वर्ष प्रतिवर्ष सुचारू रुप से करने से एक बहुत बड़े जंगल के रूप में स्थापित हो गया है

साथ ही सूरजमल बंसल ने कहा कि पौधारोपण करना बड़ी बात नही है उसका पालन पोषण कर वृक्ष के रूप में तब्दील करना बड़ी बात है उनके द्वारा लगाए सभी पौधे आज वृक्ष के रूप में खड़े है और लहलहा रहे है साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा एक एक पौधे की देखभाल इस तरह से की जाती है जैसे माँ अपने बच्चे की देखभाल करती है इन सभी पौधों की देखरेख के लिए अलग से स्टाफ एव पानी की समुचित व्यवस्था है साथ ही अगर कोई पौधा सुख जाता है या किसी कारणवश नही चल पाता है तो उसकी जगह तुरंत नया पौधा लगाया जाता है सूरजमल बंसल ने कहा कि आज तेजी से खत्म होते जंगल और बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है अगर हर व्यक्ति एक पौधा भी लगाए तो बहुत बड़ी संख्या में हमारे द्वारा हरे भरे जंगल स्थापित किये जा सकते है जिससे प्रकृति का सन्तुलन बना रहे और हम सभी को शुद्ध ऑक्सीजन मिल सके है उनके द्वारा प्रदेश के लोगो को सन्देश दिया गया कि हर व्यक्ति पौधा लगाए एव पर्यावरण बचाये इसे बनाये रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे अब तक वे अपने खनन क्षेत्र बून्दी धनेश्वर सिलिका,बड़ोदिया चेचट लाइम स्टोन आदि लीज क्षेत्रो पर वृक्षारोपण का कार्य कर पर्यावरण को बनाये रखने में अपना योगदान देते आये है और आगे भी उनके द्वारा वृक्षारोपण का कार्य सुचारू रूप से किया जाएगा।