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देई.(बूंदी)चौथे स्तंभ को धमकाने सत्ता के नशे में चूर डॉक्टर ने हद कर दी

विजय मीणा

देई चिकित्सक ने पत्रकार को धमकाते हुए लगाए अनर्गल आरोप दिन प्रतिदिन मिल रही शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई इसके कारण चिकित्सक के हौसले इतने बुलंद हो गई कि वह अब आम आदमी के साथ-साथ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को भी डराने धमकाने से पीछे नहीं हट रहा साथ ही अनावश्यक आरोप लगाते पत्रकारों को धमकाने का काम भी शुरू कर दिया है कहीं इसमें सत्ता के आशीर्वाद का असर तो नहीं। और उसके इस कृत्य से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता का लगातार हनन हो रहा है। तो वहीं दूसरी ओर पूर्व में भी चिकित्सक के खिलाफ कई लोगों द्वारा शिकायत की गई मगर प्रशासन द्वारा अब तक चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाने के कारण दिन प्रतिदिन चिकित्सा का आतंक बढ़ता जा रहा है। 28 मई को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार गणेश शर्मा जब चिकित्सालय में रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे। तो अनर्गल आरोप लगाते हुए अभद्रता के साथ अपना कार्य करने से रोका साथ ही झूठे एफ आई आर दर्ज करवाने की धमकी दी इसके पश्चात संवाददाता द्वारा दी थाने में उक्त अभद्रता के मामले को लेकर संवाददाता द्वारा देई थाने में रिपोर्ट दी गई रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि चिकित्सालय पर रिपोर्टिंग करते वक़्त चिकित्सा अधिकारी सतीश सक्सेना द्वारा रिपोर्टिंग करने से रोकने के साथ ही चिकित्सक द्वारा पत्रकार को झूठे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी गई। उक्त चिकित्सक की पत्नी वेदांती सिंह केन्द्र की चिकित्सा अधिकारी प्रभारी है। इन दोनो द्वारा अस्पताल मे आउटडोर के समय पर भी घर पर ईलाज कर मरीजो से मनमाने रूपये वसूले जाते है। लोगों द्वारा जिनकी कई बार सोशल मीडिया ही नहीं उपखंड कार्यालय तक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं दोनो के द्वारा चिकित्सालय की पर्ची मे बाहर की लेबो से जांच करवाई जाती है व दवाईयां भी बाहर से मंगवाई जाती है। इसी के साथ मरीजो से दुर्व्यहार किया जाता है। कुछ दिन पूर्व ही देई थाने में ही चिकित्सक के खिलाफ चीता की झोंपडियां निवासी घनश्याम मीना ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।जिसमे चिकित्सक द्वारा अभद्रता व घरो पर ईलाज करने बाहर से जांच करवाने की शिकायत थी। इस प्रकार एक पत्रकार को उसका कार्य करने से रोकना उसके अधिकारी का हनन है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि पत्रकार के कार्य में बाधा डालने,पद का दुरपयोग करने व झूठे मुकदमे की धमकी देने वाले चिकित्सक पर नियमानुसार कार्रवाही की जावे। वही सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार चौथे स्तंभ का भी कोई वर्चस्व है जो कि अब प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करना अति आवश्यक है